Saturday, May 28, 2022

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रूस-यूक्रेन युद्ध से आम आदमी को झटका, 8 महीने के उच्‍चतम स्‍तर पर पहुंची महंगाई

Retail Inflation Data : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के ल‍िए बुरी खबर है. खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) बढ़कर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह आठ महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है.
नई द‍िल्‍ली : Retail Inflation Data : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के ल‍िए बुरी खबर है. खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) बढ़कर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह आठ महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे पहले जनवरी 2022 में यह आंकड़ा 6.01 प्रत‍िशत पर था.

लगातार दूसरे महीने तय ल‍िम‍िट से ज्‍यादा
राष्ट्रीय सांख्यिकी व‍िभाग (NSO) की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी, 2022 में कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6.07 प्रतिशत रही. यह लगातार दूसरा महीना है जब खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से तय की गई ल‍िम‍िट से ऊपर बनी हुई है.
एक साल पहले 5.03 प्रतिशत पर थी
रिजर्व बैंक को सरकार की तरफ से मुद्रास्फीति की दर को 6 प्रतिशत के नीचे रखने की ज‍िम्‍मेदारी म‍िली हुई है. केंद्रीय बैंक अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा के समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है. इसके पहले जनवरी, 2022 में भी खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6.01 प्रतिशत रही थी. फरवरी, 2021 में यह 5.03 प्रतिशत पर रही थी.

थोक मूल्य सूचकांक भी बढ़ा
इसके पहले सोमवार को फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति के बढ़ने के आंकड़े भी आए. इन आंकड़ों के मुताबिक, थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 13.11 प्रतिशत पर पहुंच गई. वहीं सीपीआई आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में खुदरा महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य उत्पादों की कीमतों में 5.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही. जनवरी के महीने में यह 5.43 प्रतिशत बढ़ी थी.
अनाज से लेकर फलों तक में तेजी
अनाज के दाम 3.95 प्रतिशत बढ़े और मांस एवं मछली 7.45 प्रतिशत तक महंगे हो गए. वहीं फरवरी में अंडों के दाम 4.15 प्रतिशत बढ़े हैं. सब्जियों के दामों में 6.13 प्रतिशत और मसालों में 6.09 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं फलों की कीमतें जनवरी की तुलना में 2.26 प्रतिशत ही बढ़ीं.
ईंधन एवं प्रकाश खंड के उत्पादों के दाम फरवरी में 8.73 प्रतिशत चढ़े लेकिन जनवरी के 9.32 प्रतिशत की तुलना में यह नरमी को दर्शाता है. आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई को 4.5 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है. वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 5.3 प्रतिशत का है. मौजूदा तिमाही के लिए आरबीआई ने खुदरा मुद्रास्फीति के 5.7 प्रतिशत पर रहने की संभावना जताई है.

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