Saturday, May 28, 2022

Buy now

तिरंगा बनाम भगवा में बदली जंग, शिगोमा में पत्थरबाजी के बाद धारा 144 लागू

उडुपी में एक जनवरी को सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छह मुस्लिम छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया। ये सभी छात्राएं हिजाब पहने हुई थीं। कॉलेज प्रबंधन ने प्रतिबंध लगाने के पीछे नए यूनिफार्म लॉ का हवाला दिया।
कर्नाटक में हिजाब विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। तीन बजे के बाद फिर से सुनवाई होनी है। इस बीच कर्नाटक में हिजाब विवाद पर स्थिति बिगड़ती ही जा रही है। कथित तौर पर पर तिरंगे की जगह भगवा झंडा लगाया गया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति झंडे के पोल पर चढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। उसके हाथ में भगवा झंडा है। नीचे कुछ अन्य लोग खड़े हैं, जिन्हें छात्र बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो शिगोमा जिले का है। यहां सुबह पत्थरबाजी की घटना हुई थी। इसके बाद से यहां पर धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर, कॉलेज प्रशासनों को आदेश दिया गया है कि वे अपने यहां की स्थिति को देखते हुए छुट्टी का फैसला ले सकते हैं।

सुनवाई से पहले हुआ था बवाल
सुनवाई से पहले महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में प्रदर्शन शुरू हो गया था। हिजाब पहनी छात्राओं के विरोध में भगवा स्कार्फ डाले छात्र आ गए और नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और प्रदर्शन तेज हो गया। दोनों ओर से धार्मिक नारे लगाए गए थे।

सीएम ने की शांति बनाए रखने की अपील
मामला बढ़ात देख सीएम बसवराज बोम्मई का बयान सानमे आया है, उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सीएम ने कहा है कि मामला आज हाई कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसका इंतजार करें और बच्चों को पढ़ने दिया जाए। इससे पहले भी सीएम ने शांति बनाए रखने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि हाईकोर्ट का फैसला आने तक नए यूनिफार्म लॉ का पालन सख्ती से करवाया जाए।

पांच छात्राओं की याचिका पर होगी सुनवाई
कर्नाटक के उडुपी में हिजाब विवाद मामले में आज हाई कोर्ट सुनवाई करेगा। यह सुनवाई पांच लड़कियों की ओर से दायर की गई याचिका पर होने जा रही है। दरअसल, इन छात्राओं की ओर से नए यूनिफार्म लॉ का विरोध करते हुए याचिका दायर की गई थी। अब नए नियम के तहत कॉलेजों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दअरसल, उडुपी में एक जनवरी को सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छह मुस्लिम छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया। ये सभी छात्राएं हिजाब पहने हुई थीं। कॉलेज प्रबंधन ने प्रतिबंध लगाने के पीछे नए यूनिफार्म लॉ का हवाला दिया। यह मुद्दा अब उडुपी के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी फैल चुका है। कुंदापुरा कॉलेज की 28 मुस्लिम छात्राओं को भी हिजाब पहनकर कक्षाओं में शामिल नहीं होने दिया गया। इसके बाद से कई छात्राएं हिजाब पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध कर रही हैं।

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने भी दिया था बयान
इससे पहले कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा था कि समान वर्दी संहिता का पालन न करने वाली छात्राओं को अन्य विकल्प तलाशने की छूट है। नागेश ने मैसुरु में पत्रकारों से कहा था, ‘‘जैसे सेना में नियमों का पालन किया जाता है, वैसा ही यहां (शैक्षणिक संस्थानों में) भी किया जाता है। उन लोगों के लिए विकल्प खुले हैं जो इसका पालन नहीं करना चाहते।’’ मंत्री ने छात्रों से राजनीतिक दलों के हाथों का ‘‘हथियार’’ न बनने की अपील की।

एचडी देवेगौड़ा ने सरकार से की अपील
कर्नाटक के हिजाब मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और राजनीतिक दल 2023 के चुनाव का फायदा उठा रहे हैं। सरकार इसे रोक सकती है। इस तरह के मुद्दे देश को बांटते हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,333FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles